भाटियों का इतिहास

भाटियों का इतिहास महारावल मालदेव जिन्होने तीसरे शाके पर पुन: कब्जा कर लिया था | उनकी पीढ़ी में महारावल खेतसिंह के पंचायणदास के लूणकरन के रामसिंह हुए जिन्हे सेना पतशाह कहकर पुकारती हैं| रामसिंह की छतरी कांसाउ पर हैं| वहां ऊनके गुरू राघवपुरी जी की गादी हैं| रामसिंह एक महान योध्दा थे | रामसिंह के अखेराज के महासिंह के फतेहसिंह के वंशज दुधोड़ा,जानसिंह की बेरी तथा विशनसिंह का वास ताणुमानजी में रहते हैं| फतेहसिंह के पुत्र माधुसिंह के पुत्र सालमसिंह के पुत्र बेरीशाल के पुत्र कलसिंह के पुत्र दानसिंह के पुत्र उदयसिंह के पुत्र मानसिंह वर्तमान सरपंच दुधोड़ा हुए|

by wwwtanubhatikalu

Install 5
works with
  • Facebook

Applet version ID 372071